नीतीश कुमार के लिए 58 कमांडो, Z+ कवच… दिल्ली में बड़ा खेल शुरू?
बंगला नंबर-9’ बना सियासत का सुपर पावर सेंटर!

बंगला नंबर-9’ बना सियासत का सुपर पावर सेंटर!
नीतीश कुमार के लिए 58 कमांडो, Z+ कवच… दिल्ली में बड़ा खेल शुरू?
रोज़नामा इंडो गल्फ ------------------------ नुजहत जहां
मुजफ्फरपुर। राजधानी दिल्ली में एक बंगले ने अचानक सियासी तापमान बढ़ा दिया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार को आवंटित बंगला नंबर-9 अब सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि ‘पावर और प्रभाव’ का नया प्रतीक बन गया है।
टाइप-8 कैटेगरी के इस आलीशान बंगले में हर आधुनिक सुविधा मौजूद है—लेकिन चर्चा बंगले की नहीं, बल्कि उसके चारों ओर खड़े उस अभेद्य सुरक्षा कवच की है, जिसने इसे ‘सियासी किला’ बना दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, येलो बुक और ब्लू बुक के सख्त प्रोटोकॉल के तहत यहां ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जिसे भेद पाना लगभग नामुमकिन है—
58 कमांडो का जबरदस्त सुरक्षा घेरा
Z+ सिक्योरिटी की कई लेयर
10 सशस्त्र स्थायी गार्ड हर वक्त तैनात
6 पीएसओ 24 घंटे साये की तरह साथ, 24 जवान दो एस्कॉर्ट गाड़ियों में हाई अलर्ट
इसके अलावा हर एंट्री पॉइंट पर जांच, वॉचर्स की निगरानी, वरिष्ठ अधिकारी की कमान और 24 घंटे तैयार ड्राइवर—पूरा सिस्टम किसी हाई-प्रोफाइल मिशन जैसा नजर आता है। नीतीश कुमार राज्यसभा के विशेष सत्र में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे, लेकिन जानकार इसे सिर्फ संसदीय कार्यक्रम नहीं मान रहे। सियासी हलकों में चर्चा है कि दिल्ली में बैठकर भी वह बिहार की राजनीति पर पूरी पकड़ बनाए रखेंगे सरकार के फैसलों से लेकर विकास योजनाओं तक, हर गतिविधि पर उनकी नजर होगी।
इस बीच आरजेडी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा हमला बोला है। नेता तेजस्वी यादव पहले ही कह चुके हैं— “चाचा अब कंट्रोल में नहीं हैं, उन्हें बीजेपी चला रही है!” इस बयान के बाद बंगला नंबर-9 की सियासत और भी गरमा गई है। सवाल उठ रहा है—क्या ये सिर्फ आवास और सुरक्षा है, या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संकेत छिपा है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी हाई-लेवल सुरक्षा, आलीशान ठिकाना और दिल्ली में सक्रिय मौजूदगी—ये सब मिलकर किसी बड़े रोल की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, कुछ जानकार इसे पूरी तरह नियमों के तहत मिलने वाली सुविधा बता रहे हैं।
क्या ये महज एक आवास है… या फिर दिल्ली की सत्ता में मजबूत होती पकड़ का ऐलान?
एक बात साफ है— बंगला नंबर-9 अब सिर्फ एक पता नहीं, बल्कि देश की सियासत का नया ‘पावर हब’ बन चुका है… जहां से हर हलचल पर सबकी नजरें टिकी हैं!




