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भीषण हीट वेव व सूखे की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक।

जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान,

बढ़ते तापमान, भीषण हीट वेव व सूखे की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक।

 

मोहम्मद ग़ुलाम सरवर।

जमुई । जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान, संभावित हीट वेव (लू) और सूखे जैसी गंभीर आपदाओं के पूर्वानुमान को देखते हुए इसके समुचित प्रबंधन और पूर्व तैयारियों के मद्देनजर आज समाहरणालय स्थित सभा-कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री नवीन ( भा.प्र.से.) और पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ( भा. पु. से.) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 मई से लेकर 26 मई तक जिले में भीषण लू चलने की प्रबल संभावना है, जिस दौरान तापमान 41 डिग्री से बढ़कर 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए जिला पदाधिकारी ने जिले में एक सुदृढ़, संवेदनशील और त्वरित कार्यप्रणाली (मैकेनिज्म) बनाकर काम करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय, मजबूत अंतर्विभागीय समन्वय और परस्पर सहयोग ही आम जनता तक समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में सबसे सहायक सिद्ध होते हैं।

 

यह जिला स्तरीय बैठक आज ही माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद बुलाई गई थी, जिसमें राज्य के सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए थे। माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा बढ़ते तापमान के बीच आम जनमानस को सुरक्षित रखने, हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने तथा कृषि व पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में जो महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए थे, उन्हीं के त्वरित अनुपालन और जिले में आपदा प्रबंधन को पुख्ता करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, जमुई ने इस विशेष बैठक में विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विभागों की तैयारियों का व्यापक जायजा लिया।

 

बढ़ते तापमान के कारण जिले में संभावित पेयजल संकट के समाधान और त्वरित राहत के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से प्रखंडों में उपलब्ध पानी के टैंकरों की वास्तविक क्षमता, अतिरिक्त मांग तथा उनकी तकनीकी क्रियाशीलता का आकलन कर स्थानीय जन प्रतिनिधियों से उचित समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था को हर हाल में सुदृढ़ और निर्बाध बनाएं रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय नगर निकायों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर सकारात्मक सहयोग के साथ कार्य करने का सुझाव दिया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि गिरते जल स्तर के मद्देनजर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत कर उनकी क्रियाशीलता निरंतर बनाए रखें तथा संभावित जलसंकट वाले क्षेत्रों, विशेषकर अलीगंज, सिकंदरा, झाझा और चकाई में पर्याप्त टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

 

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के क्रम में उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाओं, ओआरएस और हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड की व्यवस्था चौबीसों घंटे मुस्तैद रखी जाए। इसके साथ ही जिला पदाधिकारी द्वारा शहरी क्षेत्रों के अलावा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी सरकारी एम्बुलेंस की क्रियाशीलता और उनकी त्वरित उपलब्धता को हर समय बनाए रखने का कड़ा आदेश दिया गया। साथ ही उन्होंने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु भी सिविल सर्जन को निर्देश दिया। आम जनता को भीषण गर्मी में बिजली की समस्या से न जूझना पड़े, इसके लिए विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या फॉल्ट को अविलंब ठीक करने का निर्देश दिया गया। जिला पशुपालन पदाधिकारी को पशुधन के लिए पानी के हौजों की नियमित सफाई और भराई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि बेजुबान पशुओं को इस तपिश में राहत मिल सके।

 

नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए जिला पदाधिकारी ने समस्त जमुई जिलेवासियों से इस भीषण गर्मी और लू के दौर में बेहद सतर्क, सावधान और जागरूक रहने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक दोपहर के समय, विशेषकर 12 बजे से 3 बजे के बीच, बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। धूप में निकलने से पहले पर्याप्त पानी पिएं और अपने साथ पानी की बोतल, छाता, टोपी या तौलिया अवश्य रखें। इसके साथ ही ओआरएस, नींबू-पानी, छाछ या पारंपरिक घरेलू पेय पदार्थों का नियमित सेवन करें। यदि किसी भी व्यक्ति या बच्चे को तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक थकान या उल्टी जैसे लू के लक्षण महसूस हों, तो वे बिना किसी लापरवाही के तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर निःशुल्क चिकित्सा लाभ लें। जिला प्रशासन जिले के हर नागरिक की सुरक्षा, स्वास्थ्य और राहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और मुस्तैद है।

 

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्त्ता श्री रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री सौरव कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार,सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी , तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और सभी थानाध्यक्ष उपस्थित थे।

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